इंडिया न्यूज, नई दिल्ली :
Per Capita Income In Delhi Is Three Times Higher Than The National Average : दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र 2022 शुक्रवार को भी जारी है। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने विधानसभा में वर्ष 2021-22 के आउटकम बजट की स्टेटस रिपोर्ट पेश की। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न परियोजनाओं की स्थिति का विवरण दिया है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने अपने स्कूलों में 13,181 कक्षाओं का निर्माण किया है, जबकि सरकारी स्कूलों में नामांकित छात्रों की संख्या 15 लाख से बढ़कर 18 लाख हो गई हैं। उन्होंने यह भी बताया कि स्कूल आफ एक्सीलेंस के 31 स्कूलों में 4,800 सीटों के लिए लगभग 80,000 आवेदन प्राप्त हुए। देशभक्त पाठ्यक्रम सभी सरकारी स्कूलों में लागू किया गया है और अगले साल से निजी स्कूलों में लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य आम लोगों को लाभ पहुंचाना है।
दिल्ली के आर्थिक सर्वेक्षण 2021-22 की रिपोर्ट उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने विधानसभा में पेश की। इसमें कई बड़े आंकड़े सामने आए हैं जो दिल्ली की आर्थिक तस्वीर दिखाते हैं। एक सर्वे के अनुसार दिल्ली में 2021-22 में प्रति व्यक्ति आय सालाना आधार पर 16.81 प्रतिशत बढ़कर 4,01,982 रुपये हो गई है। दिल्ली में प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से तीन गुना अधिक है। जो एक सकरात्मक तस्वीर है।
वहीं सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक प्रति व्यक्ति आय के मामले में सिक्किम और गोवा के बाद तीसरे स्थान पर दिल्ली है। वित्त वर्ष 2021-22 में दिल्ली का सकल घरेलू उत्पाद सालाना आधार पर 17.65 प्रतिशत बढ़कर 9,23,967 करोड़ रुपये हुआ है।
गौरतलब है कि शनिवार को सुबह 11 बजे वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया साल 2022-23 के लिए दिल्ली का बजट पेश करेंगे। इसके बाद रविवार को अवकाश के बाद विधानसभा स्थगित रहेगी और फिर रविवार को बजट पर चर्चा होगी। बजट सत्र के आखिरी दिन मंगलवार को भी बजट पर चर्चा होगी और फिर बजट प्रस्ताव को पास किया जाएगा। दिल्ली विधानसभा में विपक्ष संख्या बल के लिहाज से कमजोर है, इसलिए आसानी से दिल्ली का बजट पास हो जाएगा।
गौरतलब है कि दिल्ली के बजट में इस बार आम लोगों की राय और उनका नजरिया दिखाई देगा। फरवरी में दिल्ली के वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा था कि दिल्ली सरकार के 2022-23 के वार्षिक बजट में शहर की आर्थिक प्रगति और रोजगार के अवसर पैदा करने का रोडमैप होगा। इस पर दिल्ली सरकार ने लोगों से फीडबैक भी मांगा था। इसके तहत दिल्ली सरकार को 5000 से अधिक सुझाव मिले थे। इन सुझावों में नया विशेष आर्थिक क्षेत्र बनाना, दिल्ली को एक आईटी हब के रूप में विकसित करना, नए अकुशल श्रमिकों के कौशल को बढ़ाने की सलाह शामिल थी।
मनीष सिसोदिया कहा था कि राजधानी दिल्ली की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए लोगों से फीडबैक मांगा गया था, क्योंकि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का मानना है कि व्यवसायियों और उद्योगपतियों को इस बात की बेहतर समझ है कि व्यापार और औद्योगिक क्षेत्र को कैसे आगे बढ़ाया जाए। ऐसे में इस बजट पर लोगों की राय और नजरिये की झलक मिलनी तय है।
गौरतलब है कि दिल्ली सरकार कोरोना वायरस संक्रमण के दौर में लाकडाउन को लेकर आनलाइन सर्वे करा चुकी है। जिसके आधार पर लाकडाउन हटाया अथवा लगाया गया। इसके साथ ही जरूरत पड़ने पर छूट भी दी गई। अब सरकार दिल्ली की आम जनता की राय से परिचित हो गई है। (Per Capita Income In Delhi Is Three Times Higher Than The National Average)
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