Sunday, July 14, 2024
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Municipal Corporation Delhi: हर साल रिन्यू होगा फायर NOC, MCD ने भवन सुरक्षा के लिए जारी ये गिडलिनेस

India News Delhi (इंडिया न्यूज़), Municipal Corporation Delhi: दिल्ली में हाल ही में हुई आगजनी की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने अपने भवनों में आग से बचाव के लिए त्वरित सुरक्षात्मक कदम उठाए हैं। एमसीडी ने कहा है कि ये उपाय अस्पतालों, डिस्पेंसरियों, स्कूलों, सामुदायिक केंद्रों, मल्टी-लेवल पार्किंग, जोनल ऑफिस और अन्य एमसीडी भवनों में लागू किए जाएंगे।

अधिकारियों को अग्नि सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें फायर फाइटिंग सिस्टम का निरीक्षण, इलेक्ट्रिक लोड का ऑडिट, स्मोक डिटेक्टर, फायर अलार्म और ऑटोमैटिक वाटर स्प्रिंकलर्स की स्थापना शामिल है। इन सुरक्षात्मक उपायों का उद्देश्य इन भवनों में आग की घटनाओं को रोकना और संभावित खतरों को कम करना है।

Municipal Corporation Delhi: MCD ने जारी की गाइडलाइन्स

दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने हाल की आग लगने की घटनाओं के मद्देनजर अपने भवनों की आग से सुरक्षा के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। एमसीडी के निर्देशों के अनुसार, बिजली विभाग को नियमित रूप से फायर एक्सटिनग्यूशर, हाइड्रेंट और अलार्म जैसे आग बुझाने वाले उपकरणों का निरीक्षण करना आवश्यक है। इसमें विशेष रूप से यह सुनिश्चित करना शामिल है कि आग बुझाने वाले यंत्रों की एक्यपायरी डेट सही है, हाइड्रेंट सुलभ हैं और उनमें पर्याप्त पानी का दबाव है, और फायर अलार्म चालू हैं और पूरे परिसर में सुनाई देते हैं।

हर महीने होगी जांच

MCD ने सभी फायर सेफ्टी उपकरणों के लिए एक मैंटेनैंस शेड्यूल भी स्थापित करने के लिए कहा है। इसके तहत, आग बुझाने वाले उपकरणों की हर महीने जांच की जानी चाहिए, और फायर अलार्म और हाइड्रेंट की तीन महीने में एक बार जांच की जानी चाहिए। इसके अलावा, इमारत की बिजली खपत का मूल्यांकन करने के लिए हर दो साल में एक इलेक्ट्रिकल ऑडिट करने का भी निर्देश दिया गया है, खासकर आईसीयू जैसे हाई डिमांड वाले क्षेत्रों में।

ऑक्सीजन टैंक या पाइप ऑक्सीजन वाले क्षेत्रों में धूम्रपान निषेध की सख्त नीतियां और हीट सोर्स पर नियंत्रण लागू किया जाना चाहिए, ताकि आग लगने की संभावना को कम किया जा सके। इस तरह के उपाय सुनिश्चित करेंगे कि एमसीडी के भवनों में आग से संबंधित घटनाओं को रोका जा सके और सभी निवासी सुरक्षित रह सकें।

Municipal Corporation Delhi: की जायेगी इन सब की भी जांच

MCD के निर्देशों के अनुसार, सभी अस्पतालों में, विशेष रूप से पेशेंट रूम, हॉलवे और कॉमन एरिया में फायर स्मोक डिटेक्टर और फायर अलार्म अनिवार्य रूप से स्थापित किए जाने चाहिए। इसके अलावा, अस्पतालों के निर्माण और फर्निशिंग में इस्तेमाल की जाने वाली सामग्रियों की जांच की जानी चाहिए, और ज्वलनशील सामग्रियों को फायर रेसिस्टेंट विकल्पों से बदलने की व्यवस्था की जानी चाहिए।

एमसीडी ने यह भी स्पष्ट किया है कि फायर सेफ्टी नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट का हर साल दिल्ली सरकार के फायर सेफ्टी नियमों के अनुसार नवीनीकरण किया जाना चाहिए। यह सुनिश्चित करने के लिए कि सभी सुरक्षा उपाय प्रभावी रूप से लागू हो रहे हैं और आग से संबंधित किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

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